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हुसैनिया बैतुल-हुज़्न दुल्हीपुर में सेह रोज़ा मजालिस अज़ा-ए-फ़ातिमा का आग़ाज़, आलिम-ए-दीन का जमावड़ा

चन्दौली@उड़ान इंडिया: हुसैनिया बैतुल-हुज़्न, दुल्हीपुर में हर साल की तरह इस साल भी 22 नवंबर से सेह रोज़ा मजालिस अज़ा-ए-फ़ातिमा का आग़ाज़ हुआ, जो 24 नवंबर तक आयोजित होगी। मजालिस का सिलसिला रोज़ाना सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक जारी रहा, जिसमें मुल्क भर से आए नामवर आलिम-ए-दीन ने ख़िताब फ़रमाया।
           पहली मजलिस में मौलाना आसिफ अली क़िब्ला (बरेली) ने तकरीर पेश की। दूसरी मजलिस की जिम्मेदारी मौलाना अली मेहंदी ने निभाई। तीसरी मजलिस में नसीर आज़मी साहेब (मुंबई) ने खिताब किया। वहीं आज की आख़िरी मजलिस में मौलाना मिर्ज़ा शफीक हुसैन शफ़क (लखनऊ) ने अपने बयान से लोगों को मुतास्सिर किया।
          मजलिस के दौरान शायर-ए-अहलेबैत ने भी नज़राने-अक़ीदत पेश किए। इसमें प्रमुख रूप से अंबर तुराबी, गाज़ी अब्बास आदि ने अशआर पढ़े। नौहा-ख़्वानी की ख़िदमत अंजुमन ईरानी ज़फ़रिया और अंजुमन सज्जादिया असगरिया (दुल्हीपुर) ने अंजाम दी।
        कार्यक्रम में प्रमुख रूप से समर हसन हुसैनी, अज़हर भाई, अबुज़र, फैज़ी आब्दी, फैज़ी जाफरी, अली जाफर जाफरी, क़ासिम जाफरी आदि मौजूद रहे। आयोजकों के अनुसार 24 नवंबर को ख़्वातीन की मजलिस होगी और आख़िर में ताबूत बरामद किया जाएगा। यह जानकारी मौलाना मुन्तज़िर जाफरी और ज़ौहर रिज़वी ने संयुक्त रूप से दी।