वाराणसी@उड़ान इंडिया: घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम (DV Act) के तहत जिला कारागार वाराणसी में निरुद्ध अभियुक्त को स्थानीय अदालत से बड़ी राहत मिली है। न्यायालय सिविल जज (Senior Division / Fast Track Court), वाराणसी ने बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की मजबूत दलीलों और मामले के तथ्यों को देखते हुए अभियुक्त की जमानत स्वीकार कर ली है और अविलंब रिहाई का आदेश (रिहाई परवाना) जारी कर दिया है।
अधिवक्ताओं ने कोर्ट में रखी प्रभावी दलीलें
गुरुवार को न्यायालय के समक्ष अभियुक्त विनोद कुमार राजभर की ओर से जमानत पर पैरवी करने के लिए पूर्वांचल के नामचीन अधिवक्ता व विधिक मामलों के जानकार सैयद शावेज़ फ़िरोज़ और उनके सहयोगी अधिवक्ता सतेन्द्र कुमार राजभर उपस्थित हुए। कानूनी बारीकियों को अदालत के सामने रखते हुए अधिवक्ताओं की टीम ने जोरदार बहस की। उन्होंने कोर्ट को आश्वस्त किया कि अभियुक्त कानून का पूरा सम्मान करता है और मामले की परिस्थितियों को देखते हुए उसे जमानत पर रिहा किया जाना न्यायसंगत होगा।
न्यायालय का आदेश और शर्तें
अधिवक्ताओं की प्रभावी बहस और विधिक तर्कों को सुनने के बाद, न्यायालय सिविल जज (SD/FTC) वाराणसी ने अभियुक्त की जमानत अर्जी मंजूर करते हुए जेल अधीक्षक, जिला कारागार वाराणसी को संबोधित रिहाई आदेश जारी किया। अधिवक्ता सैयद शावेज़ फ़िरोज़ और अधिवक्ता सतेन्द्र कुमार राजभर की इस सफल और त्वरित विधिक पैरवी के बाद अभियुक्त के परिजनों ने राहत की सांस ली है और रिहाई की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।