वाराणसी@उड़ान इंडिया: दी सेन्ट्रल बार एसोसिएशन 'बनारस' वाराणसी के पूर्व महामंत्री व वरिष्ठ अधिवक्ता अवधेश कुमार सिंह ने बार कमेटी को चेतावनी दी है कि हाल में किए गए बार के संविधान संशोधन को वापस नहीं लिया गया तो बुधवार से वो भूख हड़ताल पर बैठेंगे. सोमवार से धरने पर बैठे अधिवक्ता ने कहा कि तोड़ी गयी सीढ़ी और दुकान का भी पूर्वत: निमार्ण नहीं हुआ तो आंदोलन व्यापक रूप लेगा.
ग़ौरतलब हो कि विगत दिनों CBA कमेटी ने अपने बायलॉज में संशोधन करते हुए चुनाव से सम्बन्धित 10 वर्ष से कम सभी पदों को समाप्त कर दिया था. जिसकी वापसी के लिए काफ़ी आलोचना और प्रदर्शन भी हुआ था. लेकिन सी.बी.ए. ने संधोशन वापस नहीं लिया. जिसके ख़िलाफ़ सोमवार से ही वरिष्ठ अधिवक्ता अवधेश कुमार सिंह आन्दोलनरत हैं. बार के बाहर गांधी प्रतिमा के नीचे शांतिपूर्वक धरनारत अधिवक्ता का श्लोगन है 'हाथ हमारा नहीं उठेगा, हमला चाहे जैसा हो.' उन्होंने इस सम्बन्ध में एक रिलीज़ भी जारी की है. जिसमें उन्होंने कहा है कि CBA एक पंजीकृत संस्था है, जिसको बार काउन्सिल ऑफ़ उत्तर प्रदेश से भी अनुमन्य प्राप्त है, एेसे में संविधान का संशोधन आम सभा से 2/3 बहुमत से पास कराने के बाद प्रतिलिपि सब रजिस्ट्रार को भेजकर उसे रजिस्टर्ड कराने के पश्चात ही किया जा सकता है और उपरोक्त प्रक्रियाओं के अनुपालन के बाद बार काउन्सिल ऑफ़ उत्तर प्रदेश से भी इसकी स्वीकृति लेना आवश्यक है. उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया के ग़ैर कानूनी और अवैध बताया है. कहा कि जिन पदों को समाप्त किया गया है उन पर तैयारी में युवा अधिवक्ता वर्षों से लगे रहते हैं और फ़िलहाल भी इन पदों की दावेदारी पूरे दमख़म से कई युवा अधिवक्ता प्रस्तुत कर चुके हैं. ये उन युवा अधिवक्ता साथियों के साथ छल व धोखा है. उन्होंने अधिवक्ताओं से इसके लिए समर्थन भी मांगा है और तल्ख़ तहजे में CBA कमेटी को चेताया है कि मांगे पूरी नहीं हुई तो कल से शुरू हुई भूख हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक युवा अधिवक्ताओं को न्याय नहीं मिल जाता.